Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, April 14
    Facebook X (Twitter) Instagram
    viralpunjabnews.com
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    viralpunjabnews.com
    Home»देश»Punjab की मान सरकार ने बना द‍िया इतना सख्‍त कानून, बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा और… क्‍या है कानूनी पेचीदगियां?
    देश

    Punjab की मान सरकार ने बना द‍िया इतना सख्‍त कानून, बेअदबी पर अब उम्रकैद की सजा और… क्‍या है कानूनी पेचीदगियां?

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsApril 14, 2026Updated:April 14, 2026No Comments12 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के सत्कार के लिए आज सर्वसम्मति से ‘जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ पास कर दिया, जिससे गुरू साहिब की बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस निर्णायक कदम के तहत भगवंत मान सरकार ने बेअदबी के लिए उम्र कैद की सजा का प्रावधान किया है, जिससे बेअदबी से निपटने के लिए देश के सबसे सख्त कानूनों में से एक बनाया गया है।

    इस कानून को पिछली सरकारों की नाकामियों में ऐतिहासिक सुधार करार देते हुए मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि नया कानून पिछली सरकारों की कमियों को दूर करने के साथ-साथ तेजी से जांच सुनिश्चित बनाता है, अपराधों को गैर-जमानती बनाता है और 5 साल से लेकर उम्र कैद तक सख्त सजाओं के साथ-साथ 20 लाख रुपए तक के जुर्माने की व्यवस्था करता है, जबकि बेअदबी में सहायता करने वालों को भी बराबर जवाबदेह बनाता है।

    पिछली सरकारों से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि जहां अकाली-भाजपा और कांग्रेस गुरू साहिब के नाम पर वोट मांगते थे, वहीं यह ‘आप’ सरकार है, जिसने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी दोबारा ऐसे अपराध करने की हिम्मत न करे।

    बहस में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं इस अजीम सदन को भरोसा दिलाता हूं कि यह बिल भविष्य में बेअदबी के अंत को दर्शाता है क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी ऐसे घिनौने अपराध में शामिल होने की हिम्मत नहीं करेगा।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले समय में श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घिनौनी कार्रवाइयों राज्य में सख्त मेहनत से बनाई शांति, सद्भावना, भाईचारा और फिर्कू सद्भावना को भंग करने की गहरी साजिश थी। ऐसा ‘अमानवीय और घिनौना कार्य’ मानवता के खिलाफ पाप था, जो मुट्ठी भर समाज विरोधी तत्वों द्वारा किया गया था, जो राज्य में शांति, सद्भावना, भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने के लिए तैयार थे। यह कानून सुनिश्चित करेगा कि इस न माफ करने योग्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और दूसरों के लिए मिसाल बनेगा।”

    उन्होंने आगे कहा, “पंजाबियों ने हमेशा राज्य में शांति और भाईचारे के सिद्धांतों को कायम रखा है और कोई भी राज्य के गहरे सामाजिक ताने-बाने को कभी भी तबाह नहीं कर सकेगा। हर कीमत पर शांति और भाईचारिक साझा बनाए रखने का दृढ़ इरादा रखते हुए हमारी सरकार ऐसी किसी भी कोशिश को नाकाम कर देगी, जो राज्य की भाईचारक सांझ, तरक्की और खुशहाली के लिए खतरा पैदा कर सकती है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और राज्य सरकार इस पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए वचनबद्ध है।”

    कानून की महत्ता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर श्री गुरू ग्रंथ साहिब पंजाब में सुरक्षित नहीं तो फिर और कहीं नहीं हो सकते। उन्होंने यह भी कहा कि यह ऐक्ट बेअदबियों को रोकने के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी विश्वव्यापी भाईचारे, धर्म निरपेक्षता और समाजवादी मूल्यों का खजाना हैं, जिनसे मानवता को दिशा मिलती है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी का संदेश और दर्शन मानवता को आपसी सद्भावना, एकता, शांति और दया-भावना का मार्ग दिखाता है, जो दुनिया भर में प्रासंगिक है।

    श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी हमारे रोजाना जीवन में प्रेरणा, मार्गदर्शन और शांति का सदीवि स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी ने हमें हमेशा धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है। श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी ने हमें कुर्बानी देने और दूसरों को माफ करना सिखाया है और हमारे अंदर प्यार, सहनशीलता और विश्वव्यापी भाईचारे के मूल्य पैदा की हैं। हममें से हर किसी ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी से प्रेरणा ली है, जो हमें नितनेम के साथ समानता, हक-सच्च, धर्म और इंसाफ के मार्ग पर चलने के लिए हमेशा प्रेरित करते हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी दुनिया का एक अनोखा धार्मिक ग्रंथ है जिसमें न सिर्फ सिख गुरुओं की शिक्षाएं हैं, बल्कि हिंदू श्रद्धालुओं, मुस्लिम संतों और सूफी संतों के भजन भी समाए हुए हैं। दसवें पातशाह श्री गुरू गोबिंद सिंह जी ने ज्योति जोत समाने से पहले श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को गुरगद्दी देकर हमारे शाश्वत गुरू के रूप में मान्यता दी। ‘शब्द गुरू’ की धारणा हमारे जीवन में अत्यंत महत्व रखती है क्योंकि हर सिख के जीवन में जन्म और विवाह से लेकर मौत तक श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी से दिशा और सामर्थ्य की बख्शिश मांगी जाती है।

    गुरबाणी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि “पवणु गुरू, पाणी पिता, माता धरति महतु”। महान गुरुओं ने हवा को गुरू, पानी को पिता और धरती को मां का दर्जा दिया है। महान गुरुओं ने 600 साल से अधिक समय पहले हमें जीवन का रास्ता सिखाया था जो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। क्योंकि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी एक जागत जोत हैं, इसलिए हर पंजाबी और खासकर हर सिख उनका सत्कार करता है और श्री गुरू ग्रंथ साहिब में दर्ज हर शब्द की पालना करता है।

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह बड़े अफसोस की बात है कि पहले कानूनों को व्यापक जनहित की जगह राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता था। उन्होंने साथ ही कहा कि आनंद मैरिज एक्ट तमिलनाडु, दिल्ली और यहां तक कि पाकिस्तान में भी है, लेकिन यह पंजाब में कहीं नहीं है। यह एक्ट यह सुनिश्चित करेगा कि जो भी बेअदबी के घिनौने अपराध में शामिल है, उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा और उनकी आने वाली पीढ़ियां भी अपने परिवार के सदस्यों को दी गई सजा को याद रखेंगी।

    प्रक्रियात्मक पहलू के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि चूंकि यह बिल एक स्टेट बिल है, इसलिए इसके लिए राष्ट्रपति की सहमति की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा द्वारा पास होने के बाद बिल को राज्य के राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। अगर राज्यपाल जी को समय लगता है तो वे खुद उनसे मिलेंगे और उन्हें तुरंत बिल को मंजूरी देने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपना ज्यादातर समय राज्यपाल के पास उनके विरुद्ध शिकायतें दर्ज करवाने के लिए जाते हैं, लेकिन अगर ये पार्टियां चाहें तो वे इस नेक काम के लिए उनका साथ भी दे सकती हैं।

     

    उन्होंने आगे कहा कि जिस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर के लिए इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी की थी, उनसे संबंधित जनप्रतिनिधि सदन में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने सदन से दूर रहना ही उचित समझा क्योंकि उन्हें पता था कि आज उनका पर्दाफाश होना लाजमी है। इन नेताओं के हाथ निर्दोष लोगों के खून से रंगे हुए हैं और इन्होंने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी को भी नहीं बख्शा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जो लोग बेअदबी के लिए जिम्मेदार हैं, उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होकर पूरे संगत के समक्ष अपना अपराध कबूल किया था। हालांकि, जब उन्हें लगा कि यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल नहीं है, तो उन्होंने कुछ समय बाद यू-टर्न ले लिया और कहा कि कुछ लोग उन्हें बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के हाथों में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा राज्य इन नेताओं का असली चेहरा जानता है, जिन्होंने हमेशा अपनी राजनीतिक चालों के माध्यम से लोगों को गुमराह किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार इन नेताओं की मर्जी और इच्छा के अनुसार चुने जाते रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और न माफी योग्य है। इन नेताओं ने सिख विरोधी ताकतों को अपनी सरकार में उच्च पदों से नवाजा और सम्मानित किया तथा अपने कुकर्मों से सदा सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाई। जिस नेता को ‘फखर-ए-कौम’ दिया गया, उसी ने नकोदर घटना, बेअदबियों, बहबल कला और कोटकपूरा गोलीकांड के दोषियों की सरपरस्ती की और एस.जी.पी.सी. को महज कठपुतली बना कर रख दिया।

    उन्होंने आगे कहा कि ऐसे नेता जिन्होंने अपने घिनौने कारनामों के माध्यम से हर सिख की मानसिकता को ठेस पहुंचाई है, वे भाईचारे के शीर्ष खिताब के हकदार नहीं हैं। इन नेताओं का एक भी काम सराहनीय नहीं है और ऐसा कुछ भी नहीं है जिस पर हम लोग उन्हें या उनकी विरासत पर गर्व कर सकें। इन मौकापरस्त नेताओं ने सिख पंथ को हमेशा अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया और बेअदबी के दोषियों को सजा देने के लिए कुछ नहीं किया।

    उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पुराने कानूनों में पिछली राज्य सरकारों द्वारा चार बार संशोधन करने के बावजूद इस गैर-मानवीय अपराध के दोषियों को सजा देने के लिए ‘गुटका साहिब’ की सौगंध खाने वालों द्वारा कई कमियां छोड़ी गईं। यह पांचवां संशोधन अंतिम होगा और हमारे शाश्वत गुरू साहिब का निरादर करने के उद्देश्य से की गई गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाएगा। बदकिस्मती से कुछ पत्थर दिल लोग ज्ञान के इस स्त्रोत का निरादर करते हैं, जो बर्दाश्त योग्य नहीं है।”

    बिल के प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, “जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट, 2008 में संशोधन करके अब जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 बनाया गया है, ताकि साम्प्रदायिक सद्भावना और राष्ट्रीय एकता की तानों को मजबूत किया जा सके और बेअदबी की नापाक कोशिशों के लिए उम्र कैद सहित सख्त सजाएं दी जा सकें। यह देखा गया है कि बेअदबी की घटनाओं में शामिल दोषी मानसिक रूप से परेशान होने का दिखावा करते हैं, लेकिन इस एक्ट में कहा गया है कि मानसिक रूप से परेशान होने का दिखावा करने वाले व्यक्ति के परिवार के सदस्यों पर भी इस गैर-माफी योग्य अपराध के लिए मुकदमा चलाया जाएगा। इसमें ‘कस्टोडियन’ की परिभाषा दी गई है, जिसके अनुसार हर कस्टोडियन को सुरक्षित कस्टडी, सुरक्षा और दुरुपयोग या नुकसान को रोकने के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया जाएगा (धारा 3बी)।”

    उन्होंने कहा, “बेअदबी के मामलों की समय पर और सुचारू रूप से जांच सुनिश्चित बनाने के लिए व्यवस्था की गई है (धारा 4ए) और इस कानून के अधीन अपराध गैर-जमानती होगा तथा इस संबंध में कोई समझौता नहीं किया जाएगा (धारा 4बी)। एक्ट के मुताबिक सजाओं में वृद्धि की गई है, जिसमें 20 लाख रुपए तक जुर्माना और उम्र कैद तक की सजा शामिल है (धारा 5)। अपराधों को पांच किस्मों में श्रेणीबद्ध किया गया है, क्योंकि एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर 5 साल तक की कैद और 10 लाख रुपए का जुर्माना किया जाएगा।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने पर 7 से 20 साल की कैद और 2 से 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक या धार्मिक सद्भावना को भंग करने के इरादे से बेअदबी करने पर 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा और 5 से 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। बेअदबी में सहायता करने वालों को भी बराबर सजा मिलेगी और बेअदबी करने की कोशिश करने पर 3 से 5 साल की कैद और 1-3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। यह प्रस्तावित कानून ऐसी अमानवीय गतिविधियों पर रोक लगाने का काम करेगा और राज्य में शांति, भाईचारक सद्भावना तथा धार्मिक भावनाओं का सत्कार बनाए रखने में मदद करेगा।”

    इस दौरान उन्होंने कहा कि वे बेहद सौभाग्यशाली महसूस करते हैं कि सभी पवित्र धार्मिक ग्रंथों के प्रति श्रद्धा और सत्कार के रूप में उनके नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने राज्य में विभिन्न धर्मों के धार्मिक ग्रंथों के पावन स्वरूपों को ले जाने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों को मोटर वाहन टैक्स (एमवीटी) से छूट देने की मंजूरी दे दी है।

     

    उन्होंने बताया, “इन वाहनों के लिए छूट विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा आयोजित नगर कीर्तनों को ध्यान में रखकर दी गई है और यह कदम साम्प्रदायिक सद्भावना, शांति तथा भाईचारिक सद्भावना को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। यह छूट विभिन्न धार्मिक संगठनों द्वारा उनके धार्मिक समारोहों या समागमों में इस्तेमाल होने वाले विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहनों पर दी गई है, ताकि सभी धार्मिक संस्थाओं को वित्तीय राहत मिल सके।”

    लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि भेंट करने के मामले को तत्कालीन लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के सामने उठाने के बाद सदन ने श्री गुरू गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि भेंट की थी। पूरा राज्य उस महीने को ‘शोक के महीने’ के रूप में मनाता है क्योंकि इन दिनों के दौरान जालिम शासकों ने छोटे साहिबजादों को जिंदा दीवारों में चिनवा दिया था। उनसे पहले 190 से अधिक संसद सदस्यों ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन उनमें से किसी ने भी इस मुद्दे को उठाने की जहमत नहीं की।

    उन्होंने कहा कि वे बेहद सौभाग्यशाली महसूस करते हैं कि उन्हें श्री गुरू तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस और श्री गुरू रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने का मौका मिला है। हमारी सरकार श्री गुरू रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को शानदार ढंग से मनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि गुरू जी का संदेश दुनिया भर में फैलाना हमारा सामूहिक फर्ज है। श्री गुरू रविदास महाराज जी ने किसी भी तरह के भेदभाव से मुक्त एक समानतावादी समाज की कल्पना की थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरू रविदास महाराज जी ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सभी वर्गों की बराबरी का संदेश दिया, जिससे समानतावादी मूल्यों पर आधारित समाज की सृष्टि हुई। राज्य सरकार द्वारा श्री गुरू रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए पूरे साल के समागम आयोजित किए गए हैं। श्री गुरू रविदास महाराज जी ने एक ऐसे आदर्श समाज की कल्पना की जहां किसी को भी किसी तरह का दुख सहन न करना पड़े। राज्य सरकार ने विश्व भर में 650वें प्रकाश पर्व को शानदार ढंग से मनाने के लिए संत समाज से आशीर्वाद और सुझावों के लिए अपील की है।”

    अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मेरे लिए बेहद गर्व और संतोष की बात थी कि ये जश्न मेरे कार्यकाल के दौरान मनाए जा रहे हैं। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि ये जश्न पूरे धार्मिक जोश और उत्साह के साथ मनाए जाएं।” उन्होंने संत समाज के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे जश्नों की रूपरेखा और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए अपने सुझाव देकर राज्य का नेतृत्व करें।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Viral Punjab News
    • Website

    Related Posts

    पंजाब- महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू:CM बोले- पहले 9 हलकों में शुरुआत; अकाली दल ने चुन्नियों में घोटाला किया

    April 14, 2026

    सीएम मान ने पंजाब विधानसभा में पेश किया बेअदबी पर देश का सबसे सख्त कानून, उम्रकैद की सजा तक का है प्रावधान

    April 13, 2026

    पंजाब में ‘शिक्षा क्रांति’ का असर, आठवीं के नतीजों में बेटियों का जलवा; टॉप 20 में से 19 स्थानों पर जमाया कब्जा

    April 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    पंजाब- महिलाओं को ₹1000 महीना, रजिस्ट्रेशन शुरू:CM बोले- पहले 9 हलकों में शुरुआत; अकाली दल ने चुन्नियों में घोटाला किया

    April 14, 2026

    MP Amritpal को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार, सुरक्षा का हवाला देकर जेल ट्रांसफर न करने की अपील

    April 14, 2026

    अंबेडकर जयंती पर CM मान ने दी बड़ी सौगात, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का आगाज

    April 14, 2026

    पंजाब में मावां धीयां योजना की रजिस्ट्रेशन आज से:CM करेंगे शुभारंभ, जुलाई से मिलेंगे 1500 रुपए, कल से पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू

    April 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    © 2026 Viral Punjab News. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.