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    पंजाब में ED के माध्यम से भाजपा का चुनावी खेल जारी, तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर छापे: CM भगवंत सिंह मान

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsApril 18, 2026Updated:April 18, 2026No Comments12 Mins Read
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    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि पिछले तीन दिनों में दो ‘आप’ नेताओं के घरों पर इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ई.डी.) के छापों से भाजपा, पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि 117 उम्मीदवार नहीं ढूंढ पाने वाली पार्टी जनता का समर्थन हासिल करने की बजाय डर फैलाने की कोशिश कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विरोधी सरकारों को रोके गए फंडों, राज्यपालों, ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के माध्यम से तंग किया जा रहा है, जबकि भाजपा में शामिल होने वाले नेता इसकी ‘वॉशिंग मशीन’ से साफ निकलते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप’ नहीं डरेगी, पंजाबी अपनी गर्दन कटा सकते हैं लेकिन डर के आगे कभी नहीं झुकेंगे। उन्होंने भाजपा को छापों और दबाव की चालों पर भरोसा करने की बजाय लोगों के बीच काम करके 2027 की तैयारी करने की सलाह दी।

     

    प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे देश को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यहां लोग अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं। यह केंद्र सरकार का फर्ज है कि वह हर राज्य को राजनीति और पार्टी लाइन से ऊपर उठकर उसका हक दे, लेकिन पिछले कुछ समय से हम देख रहे हैं कि लोकतंत्र का धीरे-धीरे गला घोंटा जा रहा है। सारी गैर-भाजपा सरकारों को या तो सीधे केंद्र के फंड रोके जा रहे हैं या राज्यपालों के माध्यम से परेशान किया जा रहा है।”

     

    भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप को खास तौर पर इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जो बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह सिर्फ दस सालों में राष्ट्रीय पार्टी बन गई है। भाजपा सोचती है कि वह कांग्रेस से सुलझ सकती है और वह कई बार कांग्रेस से हाथ भी मिला चुकी है, लेकिन वह नहीं चाहती कि कोई तीसरी ताकत उभरे।”

     

    उन्होंने कहा, “इस प्रक्रिया के तहत उन्होंने दिल्ली में हमारे नेताओं के खिलाफ झूठे ई.डी. केस दर्ज किए, जैसे शराब घोटाले के मामले में केस दर्ज करके हमारे सीनियर नेताओं को जेल भेज दिया गया। उस समय के मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ जेल भेज दिया गया। हमारे राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को जेल भेज दिया गया। जिस किसी ने भी काम करके दिखाया, चाहे वह वर्कर हो या नीति-निर्माता, सबको जेल भेज दिया गया, धमकियां दी गईं, डराया गया और भाजपा में शामिल होने या नतीजे भुगतने का डर दिखाया गया। डराने और धमकाने की यह राजनीति जारी है।”

     

    देश भर में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाते हुए उन्होंने कहा, “बंगाल में डी.जी.पी. से लेकर अधिकारियों तक को बदल दिया गया है क्योंकि चुनाव आ रहे हैं। वे लोगों के माध्यम से चुनाव नहीं जीतते। वे ई.डी., सी.बी.आई., चुनाव आयोग और डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य विभागों के माध्यम से चुनाव जीतते हैं। कुछ दिन पहले ई.डी. ने आप के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के घर छापा मारा, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाते हैं, जहां लगभग चार हजार छात्र पढ़ते हैं। 35 से अधिक देशों के छात्र वहां पढ़ने आते हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य होने के कारण अचानक दागी हो गए।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ई.डी. की छापेमारी चल रही है। उन्होंने लुधियाना उपचुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराया था। इसलिए आज वे भी भाजपा के अनुसार दागी हो गए हैं। इसका मतलब है कि भाजपा ने 2027 की विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। ई.डी. भेजो, आयकर भेजो, नोटिस भेजो, डर पैदा करो क्योंकि उन्हें चुनाव लड़ने के लिए 117 नेता भी नहीं मिल रहे। भाजपा को 117 उम्मीदवार नहीं मिल रहे, इसलिए वे कह रहे हैं कि या तो डर-डर कर चुनाव लड़ो या हमारी ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर निकलो।”

     

    उन्होंने आगे कहा, “यह बहुत ही खतरनाक रुझान है। लोकतंत्र का कत्ल किया जा रहा है। हम इसकी सख्त निंदा करते हैं। सिर्फ गैर-भाजपा सरकारों को ही तंग किया जा रहा है। सिर्फ विपक्षी नेताओं को ई.डी. की लाठी का सामना करना पड़ता है और इसमें से कुछ भी नहीं निकलता। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ इतना झूठा केस दर्ज किया गया था, जिसमें अदालत ने माना कि केस चलाने लायक नहीं है। लेकिन वे कहते हैं कि पहले इन्हें जेल में डालो, चुनाव होने दो, फिर देखेंगे।”

     

    राजनीतिक हमला जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर कोई उनके आगे झुकता है और उनकी शर्तें स्वीकार करता है तो वह ‘वॉशिंग मशीन’ से बेदाग होकर बाहर आ जाता है। उसके सारे दाग गायब हो जाते हैं। क्या यह लोकतंत्र है? यह खुल्लमखुल्ला तानाशाही है।”

     

    भाजपा की बिहार लीडरशिप के बारे में उन्होंने कहा, “उन्होंने अब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया है। उनके खिलाफ सात हत्याओं के मामले दर्ज हैं। वे जेल जा चुके हैं। उन्होंने गलत उम्र लिखवाई और तीन बार अपनी जन्मतिथि बदली। ये वे लोग हैं जो ‘जंगल राज’ की बातें करते रहते थे, लेकिन अब बिहार में कैसा राज आ गया है? अब यह भाजपा के नेतृत्व वाला जंगल अच्छा है, जैसा उनका विज्ञापन कहता है कि ‘दाग अच्छे हैं’। इसलिए भाजपा द्वारा दिए गए दाग अच्छे माने जाते हैं।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और राजनीतिक असुरक्षा के कारण विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी छापों या धमकियों से नहीं डरेगी और कोई भी दबाव ‘आप’ के इरादे को नहीं हिला सकता। वे हमें जितना मर्जी परेशान करें। उन्हें ई.डी., सी.बी.आई. या उनके पास जो भी एजेंसियां हैं, भेजने दें, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।

     

    पंजाब में भाजपा की संगठनात्मक कमजोरी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी राज्य में कोई असली आधार बनाने में नाकाम रही है। अब भाजपा जोर-जबरदस्ती और दल-बदल के माध्यम से विस्तार करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब में उन्हें एक या दो विधानसभा सीटें मिलती हैं। इस संख्या को बढ़ाने के लिए वे अब ई.डी. का सहारा ले रहे हैं। भाजपा का पंजाब में कोई कैडर नहीं है, कोई नेता नहीं है। इसलिए जहां भी उन्हें कांग्रेस या अकाली दल से कोई नेता मिलता है, उसे भाजपा ले जाती है। भाजपा ने पंजाब में कांग्रेस विंग बना रखा है। ज्यादातर कांग्रेसियों के खिलाफ केस चलते हैं, जिन्हें डरा कर फाइलें दिखाकर भाजपा में शामिल कर लिया जाता है। क्या यह लोकतंत्र है?”

     

    शासन की प्राथमिकताओं के बारे में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को बदले की राजनीति की बजाय बेरोजगारी दूर करने, स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधारने तथा बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था। उन्होंने कहा, “उन्हें इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि करोड़ों युवाओं को नौकरियां कैसे मिलें, अच्छे स्कूल कैसे बनाए जा सकें, अस्पताल बेहतर इलाज कैसे प्रदान कर सकें और लोगों को एल.पी.जी. तथा पेट्रोलियम की कीमतों के बोझ से कैसे मुक्त किया जा सके। इसके बजाय मोदी का ध्यान किसी की सुरक्षा घटाने, किसी की सुरक्षा बढ़ाने, ई.डी. और सी.बी.आई. को इधर-उधर भेजने पर है। क्या सरकारें इस तरह चलाई जाती हैं? सरकार कहीं और से चलाई जा रही है। आदेश वाशिंगटन और व्हाइट हाउस से आते हैं। वे विश्व गुरु बनना चाहते थे लेकिन हम विश्व चेला बन गए हैं।”

     

    आलोचना जारी रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ नेताओं को बार-बार जेल भेजा गया है, भले ही कोई गलत काम साबित न हुआ हो। उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी के लगभग 90 फीसदी नेताओं को जेल का मुंह दिखाया गया, भले ही उन्होंने कुछ नहीं किया। ई.डी., सी.बी.आई. और चुनाव आयोग के इस हथियार से देखो बंगाल में क्या हो रहा है। हड़बड़ी है और एक राजनीतिक पार्टी को धमकाया जा रहा है। इसका मतलब है कौन जीतेगा? सब कुछ भाजपा के हिसाब से हो रहा है।”

     

    भाजपा के बड़े मंसूबों के बारे में उन्होंने खुलासा किया कि पार्टी किसी भी कीमत पर सत्ता चाहती है और जिन राज्यों में इसे समर्थन नहीं मिल रहा, वहां कब्जा करने के लिए संस्थाओं और नियमों को तोड़ने-मरोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “वे बंगाल, केरल और तमिलनाडु पर कब्जा करना चाहते हैं। भले ही इसके लिए उन्हें हदबंदी करनी पड़े या जो भी लालच देना पड़े, वे सिर्फ सत्ता हथियाना चाहते हैं।”

     

    लोकतंत्र को खुद दबाव में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि पार्टी स्तर से ऊपर उठकर नागरिकों को संवैधानिक कदरों-कीमतों की रक्षा करनी पड़ेगी और उन कुर्बानियों को याद रखना पड़ेगा, जिनसे देश का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा, “शहीदों ने अपना खून देकर हमें यह देश दिया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय ने देश के लिए कुर्बानियां दीं। 19 साल, 22 साल या 23 साल की उम्र में देशभक्तों ने फांसी के फंदे चूम लिए।”

     

    उन्होंने जोर देकर कहा, “क्या आज के हालात देखकर इन देशभक्तों की आत्मा को शांति मिलेगी? उन्होंने अपना सब कुछ कुर्बान करके हमें यह देश दिया, सिर्फ इसलिए कि आज इसे सिर्फ दो लोग चलाएं। पहले हम ‘हम दो, हमारे दो’ का नारा सुनते थे। यह परिवार भलाई के लिए था लेकिन अब यह शासन का मॉडल बन गया है। आज भी यह ‘हम दो, हमारे दो’ है। अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उनके आगे उनके दो अंबानी और अडानी हैं। यह सरकार इसी फॉर्मूले पर चल रही है, जबकि 140 करोड़ लोगों को किस्मत के सहारे छोड़ दिया गया है।”

     

    पंजाब के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि केंद्र चुनी हुई राज्य सरकारों के रास्ते रोककर और देश के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाकर संवैधानिक पदों का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा, “राज्यपालों को राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। वे सालों से बिल रोककर बैठे हैं। राज्यों को अपने अधिकारों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह स्पष्ट करने के बाद भी कि राज्यपाल और राष्ट्रपति अनिश्चितकाल के लिए बिलों को नहीं रोक सकते, मामलों को ठंडे बस्ते में धकेल दिया गया। जजों का तबादला किया जाता है, उनकी फाइलें बाहर निकाली जाती हैं। सवाल यह है कि क्या वे किसी को बख्शेंगे या नहीं। हमने सुना था कि उत्तर कोरिया और रूस में कोई तानाशाह खुद को सालों के लिए शासक घोषित कर लेता है, लेकिन यहां भी किसी और रूप में यही कुछ हो रहा है।”

     

    चुनावों पर चिंताएं जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्ष की वोटों को निशाना बनाया जा रहा है और हेराफेरी की जा रही है। उन्होंने कहा, “एस.आई.आर. के माध्यम से असली वोटों को काटा जा रहा है। उन्होंने हर गली और इलाके में पन्ना प्रधान और पन्ना प्रमुख बनाए हैं। वे पहचान करते हैं कि कौन सा घर भाजपा का समर्थन करता है, कौन सा आम आदमी पार्टी का और कौन सा कांग्रेस का, फिर विपक्ष की वोटों को निशाना बनाया जाता है और नई वोटें बनाई जाती हैं। एक ही वोटर कई राज्यों में वोट डाल रहा है। एक तरफ वे कहते हैं कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ हो लेकिन जब दो राज्यों में चुनाव होते हैं तो एक हफ्ते का फर्क होता है। अगर देश में काफी सुरक्षा बल हैं तो फर्क क्यों है? पहले एक जगह वोट डाली जाती है, फिर लोगों को वाहनों और रेलगाड़ियों में दूसरी जगह ले जाया जाता है। क्या यह लोकतंत्र है? यह नई किस्म का लोकतंत्र है।”

     

    उन्होंने कहा कि जिन मूल्यों के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जानें दी, उनके साथ धोखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह वह लोकतंत्र नहीं है जिसका हमारे शहीदों ने सपना देखा था, वह लोकतंत्र जिसके लिए लाला लाजपत राय ने लाठियां खाईं और भगत सिंह ने फांसी का फंदा चूमा। भाजपाईयों ने कोई कुर्बानी नहीं दी, फिर भी अब वे संविधान को बदलते रहना चाहते हैं। उन्हें 360 सीटें दे दो और वे संविधान से कुछ भी कर लेंगे। ऐसे बिल आते रहते हैं। ऐसा लगता है कि वे 24 घंटे सिर्फ यही सोचते हैं कि लोकतंत्र को कैसे कमजोर किया जाए।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विपक्षी पार्टियों, खासकर ‘आप’ को जांच एजेंसियों के माध्यम से निशाना बनाया जा रहा है लेकिन उन्हें डराया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल हमारे जनरल हैं। हम उनसे डरने या घबराने वाले नहीं हैं। उन्हें ई.डी., सी.बी.आई. या कोई भी विभाग भेजने दें। हम हर हिसाब देंगे। जिस पल कोई आम आदमी पार्टी या किसी अन्य विपक्षी पार्टी में होता है, वह भ्रष्ट हो जाता है। जिस समय कोई बहुत ज्यादा भ्रष्ट भाजपा में शामिल हो जाता है, वह दूध-धुला बन जाता है। भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन राजनीति’ आखिरकार ढह जाएगी। यह वॉशिंग मशीन ज्यादा देर तक नहीं चलेगी। अगर आप बार-बार मशीन में मैले कपड़े डालते रहोगे तो एक दिन इसका फिल्टर भी जाम हो जाएगा।”

     

    उन्होंने कहा कि इतिहास ने बार-बार दिखाया है कि घमंड पतन की ओर ले जाता है। “सिकंदर जीतता रहा और भूल गया कि वापस कैसे लौटना है। ये छापे कायरतापूर्ण कार्य हैं। पुराने आरोपों को बार-बार वापस लाया जाता है। हम इन छापों की सख्त निंदा करते हैं। हम सच्चाई के साथ खड़े हैं और सच्चाई को खत्म नहीं किया जा सकता।”

     

    उन्होंने हमेशा मोदी का गुणगान करते रहने के लिए मीडिया के एक हिस्से की आलोचना की। उन्होंने कहा, “हर चीज एक मास्टर स्ट्रोक बन जाती है। मनरेगा हटाओ, मास्टर स्ट्रोक। मनरेगा लाओ, मास्टर स्ट्रोक। हर फैसले को उसी तरह पेश किया जाता है, जिस तरह सरकार चाहती है।” उन्होंने हंगरी की मिसाल देते हुए कहा कि वहां न्यायपालिका, मीडिया और हर स्रोत को खरीद लिया गया था, फिर भी जब लोग इकट्ठे होकर टूट पड़े तो तानाशाही की बुरी हार हुई। अगर वे 2027 की तैयारी करना चाहते हैं तो उन्हें ई.डी. और सी.बी.आई. का सहारा लेने की बजाय लोगों के बीच जाकर काम करना चाहिए।

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