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    नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेजकर इस अभियान ने नशे के अभिशाप की कमर तोड़ दी है: CM भगवंत सिंह

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsJune 30, 2026Updated:June 30, 2026No Comments7 Mins Read
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    पंजाब में चल रहे ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए।

     

    विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है, जिससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस गति को बनाए रखते हुए नशों के खिलाफ निर्णायक जीत हासिल की जा सके।

     

    बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।”

     

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “नशों की सप्लाई लाइन पहले ही तोड़ी जा चुकी है और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। इस अभियान की गति को बनाए रखना होगा और समय की मांग है कि इसे तब तक और तेज किया जाए, जब तक पंजाब पूरी तरह नशामुक्त नहीं हो जाता।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं। उन्होंने कहा, “जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है। जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डीसीज़ और एसएसपीज़ को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके क्षेत्रों में कहीं भी नशे की बिक्री न हो और प्रत्येक नशा पीड़ित व्यक्ति को इस दलदल से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा, “लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए पुलिस टीमों को नियमित रूप से गांवों का दौरा करना चाहिए और जमीनी हकीकत जानने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद करना चाहिए। नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वाले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों अथवा किसी भी नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजकर नशों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया, नशों की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नशे के शिकार लोग नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचने लगे। इसलिए सरकार ने पीड़ितों को नशामुक्त कर उन्हें सम्मान और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने योग्य बनाने के उद्देश्य से नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का व्यापक नेटवर्क स्थापित किया है।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम के अंतर्गत वर्तमान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा, “कई नए केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा मौजूदा केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और समग्र वातावरण में व्यापक सुधार किया गया है, जिसमें एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ओट केंद्रों को भी उन्नत किया गया है तथा आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा, “जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, वहां नए ओट केंद्र स्थापित किए गए, जिससे उनकी कुल संख्या 529 से बढ़कर 565 हो गई है। अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी ओट केंद्रों एवं नशा मुक्ति केंद्रों में दवाइयों, आवश्यक सामग्री तथा बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।”

     

    ‘सूरमा’ पहल पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक अनूठा कार्यक्रम है, जिसके तहत उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने नशे पर विजय प्राप्त की है और दो वर्षों से अधिक समय से नशे से दूर हैं। उन्होंने कहा, “ये ‘सूरमा’ अब अन्य लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा पंजाब को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए ‘नशा मुक्ति के दूत’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर कार्य करेंगे।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल नशों को जड़ से समाप्त करने के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “ये व्यक्ति ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम की वास्तविक भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका संघर्ष और दृढ़ संकल्प रंगले पंजाब की राह प्रशस्त करता है। वे हमारी आशा के दूत हैं और सरकार नशा मुक्ति केंद्रों, कौशल विकास तथा नशे से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने के प्रयासों में निरंतर निवेश करती रहेगी, ताकि प्रत्येक नशामुक्त हो रहा व्यक्ति सम्मानपूर्वक जीवन जी सके और बेहतर आजीविका के अवसर प्राप्त कर सके।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि राज्य सरकार ने नशों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए इस अभिशाप के विरुद्ध निर्णायक अभियान छेड़ा है। उन्होंने कहा, “पंजाब पुलिस का कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निपटने का गौरवशाली इतिहास रहा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह बल अपनी इस गौरवपूर्ण परंपरा को आगे भी कायम रखेगा और जनता के सक्रिय सहयोग से पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाएगा। आने वाली पीढ़ियों को नशों की इस भयावह समस्या से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के विरुद्ध यह लड़ाई केवल सूक्ष्म स्तर पर सुव्यवस्थित योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ही जीती जा सकती है, जिसके लिए प्रत्येक अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार पंजाब की युवा शक्ति की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए सामूहिक प्रयास कर रही है। यह एक असाधारण लड़ाई है और इसके लिए सरकार के साथ-साथ इस मिशन से जुड़े प्रत्येक अधिकारी को नवीन सोच अपनाते हुए परंपरागत तरीकों से हटकर प्रभावी पहल करनी होगी।”

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