Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    viralpunjabnews.com
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    viralpunjabnews.com
    You are at:Home»देश»मणिपुर एक साल से जल रहा है… उस पर ध्यान कौन देगाः Bhagwat
    देश

    मणिपुर एक साल से जल रहा है… उस पर ध्यान कौन देगाः Bhagwat

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsJune 11, 2024No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख डॉ. मोहन Bhagwat ने मणिपुर हिंसा और लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के रवैये पर कई बड़ी बातें कही हैं। नागपुर में संघ कार्यकर्ताओं के विकास वर्ग कार्यक्रम के समापन पर Bhagwat ने कहा, ‘एक साल से मणिपुर शांति की राह देख रहा है। इससे पहले 10 साल शांत रहा और अब अचानक जो कलह वहां पर उपजी या उपजाई गई, उसकी आग में मणिपुर अभी तक जल रहा है, त्राहि- त्राहि कर रहा है। इस पर कौन ध्यान देगा? प्राथमिकता देकर उसका विचार करना यह कर्तव्य है।’ गौरतलब है कि मणिपुर हिंसा में 200 से ज्यादा मौतें हुई हैं और 50 हजार लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।

    चुनाव प्रचार में मर्यादा टूटने का जिक्र करते हुए डॉ. Bhagwat ने कहा, चुनाव में जो कुछ हुआ उस पर विचार करना होगा। देश ने विकास किया है, लेकिन चुनौतियों को भी न भूलें। सहमति से देश चलाने की परंपरा का सभी स्मरण रखें। उन्होंने कहा, ‘जब भी चुनाव होता है, मुकाबला जरूरी होता है। इस दौरान दूसरों को पीछे धकेलना भी होता है, लेकिन इसकी एक सीमा होती है। यह मुकाबला झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए। इस बार चुनाव ऐसे लड़ा गया, जैसे यह युद्ध हो।

    अनावश्यक रूप से आरएसएस जैसे संगठनों को इसमें शामिल किया गया। तकनीक का उपयोग करके झूठ फैलाया गया, सरासर झूठ। क्या तकनीक और ज्ञान का मतलब एक ही है? जिस तरह चीजें हुईं, जिस तरह से दोनों पक्षों ने कमर कसकर हमला किया, इससे विभाजन होगा। सामाजिक व मानसिक दरारें बढ़ेंगी।’

    जो मर्यादा का पालन करे, अहंकार न करे, वही सही सेवक
    भागवत ने कहा, जो अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मर्यादा की सीमाओं का पालन करता है, जो अपने काम पर गर्व करता है, फिर भी अनासक्त रहता है, जो अहंकार से रहित होता है, ऐसा व्यक्ति ही वास्तव में सेवक कहलाने का हकदार है। काम करें, लेकिन मैंने किया यह अहंकार ना पाले तो हम इस देश की सच्ची सेवा कर रहे हैं ऐसा होगा।

    विपक्ष को विरोधी नहीं, प्रतिपक्ष कहना ही सही
    भागवत ने कहा, संसद में दो पक्ष जरूरी हैं। देश चलाने के लिए सहमति जरूरी है। संसद में सहमति से निर्णय लेने के लिए बहुमत का प्रयास किया जाता है, लेकिन हर स्थिति में दोनों पक्ष को मर्यादा का ध्यान रखना होता है। संसद में किसी प्रश्न के दोनों पहलू सामने आएं, इसलिए ऐसी व्यवस्था है। विपक्ष को विरोधी पक्ष की जगह प्रतिपक्ष कहना चाहिए।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Viral Punjab News
    • Website

    Related Posts

    राहुल गांधी को 2018 के मानहानि मामले में बड़ी राहत, सुल्तानपुर की अदालत ने किया बरी

    October 26, 2026

    राहुल गांधी के काफिले में बड़ा हादसा, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकराईं कई गाड़ियां; कुछ लोग घायल, कांग्रेस नेता सुरक्षित

    October 26, 2026

    सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों को बड़ा झटका, Air India और IndiGo समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें रद्द; रिफंड और रीबुकिंग पर आया अपडेट

    October 25, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    परविंदर झोटा मामले में परिवार और कमेटी लेंगे अगला फैसला, CM मान बोले- सभी जायज मांगें मानीं; मोगा फायरिंग पर भी दिया बड़ा बयान

    October 26, 2026

    पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, 28 से 30 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं के आसार; तापमान गिरने से बढ़ सकती है ठंड

    October 26, 2026

    मोगा में घर के बाहर बैठे 4 युवकों पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 2 की मौत और 2 घायल; DGP गौरव यादव मौके पर पहुंचे, 5 आरोपी गिरफ्तार

    October 26, 2026

    परविंदर झोटा मामले के बीच पंजाब के केमिस्टों का बड़ा फैसला, प्रेगाबालिन और ट्रामाडोल समेत कई दवाओं की बिक्री बंद करने का ऐलान

    October 26, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    © 2026 Viral Punjab News. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.