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    बेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती-CM भगवंत सिंह मान

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsJune 27, 2026Updated:June 27, 2026No Comments10 Mins Read
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    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों को 15 साल तक शरण देने वालों को संगत कभी माफ नहीं कर सकती। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस घिनौने अपराध के जिम्मेदार लोग जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे होंगे। पटियाला जिले के विधानसभा क्षेत्र समाणा के गांव गाजेवास में ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ बेअदबी करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कठोर से कठोर सजा का प्रावधान करेगा।

     

    मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के जन-पक्षीय शासन का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और 68,000 से अधिक युवाओं ने बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा: “आज समाणा विधानसभा क्षेत्र के गांव गाजेवास में ‘लोक मिलनी’ के दौरान लोगों से संपर्क स्थापित किया। लोगों की ओर से भरपूर समर्थन और अपार प्यार मिला। गांव गाजेवास के विकास के लिए गांव के सरपंच को 51 लाख रुपये की अनुदान राशि का चेक सौंपा। महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं और हर गांव में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना हमारी मुख्य प्राथमिकता है।”

     

    पोस्ट के अंत में लिखा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर को बेहतर सुविधाएं मिलें और पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक राज्य बनाया जा सके। लोगों के आशीर्वाद और सहयोग से हम एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने के लिए मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”

     

    लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन अपराधियों को सिख पंथ और गुरु साहिबान के साथ की गई गद्दारी के लिए कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “बादलों के राज के दौरान बेअदबी की सबसे ज्यादा घटनाएं हुईं, लेकिन किसी को भी सजा नहीं दी गई। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष सिख संगत पर गोली चलाने के आदेश दिए गए। बादलों के बाद सत्ता में आए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस घिनौने अपराध के दोषियों को सजा देकर सिख संगत की भावनाओं को शांत करने के लिए कुछ नहीं किया।”

     

    उन्होंने कहा कि असल में ये लोग मानवता के खिलाफ अक्षम्य अपराध करने वाले समाज विरोधी तत्वों से मिले हुए थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यही कारण है कि ये लोग और इनके कठपुतलियाँ हुए अब ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वे अपने पापों के लिए कानून की कटघरे में बेनकाब हो जाएंगे। इन नेताओं को अपने पापों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे जल्द ही जेल की सलाखों के पीछे होंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल को सत्ता में आने के सपने देखने बंद कर देने चाहिए, क्योंकि अब सिख कौम के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए उनकी जेल जाने की बारी है। उन्होंने कहा, “मैं ईश्वर का आभारी हूं जिन्होंने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ बनाने का अवसर प्रदान किया। जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, करोड़ों लोगों की मानसिकता को गहरा आघात पहुंचा।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ईश्वर ने उन्हें कानूनी विशेषज्ञों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद यह विधेयक लाने की बुद्धि और शक्ति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने इस विधेयक को बहुत सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई भी संशोधन या कमियां इसे कमजोर न कर सकें। यह विधेयक समाज विरोधी तत्वों के लिए भविष्य में ऐसा कोई भी पाप करने से रोकने का काम करेगा और कोई भी कभी भी इस तरह का घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। पहले लोग यह कहकर फांसी के फंदे से बच जाते थे कि ‘उनका दिमाग खराब है’ या ‘वह मानसिक रूप से बीमार है’, और आरोपी आजाद घूमते थे।”

     

    हालांकि, मुख्यमंत्री ने सवाल किया, “अगर कोई वास्तव में मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो वह सिर्फ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही निशाना क्यों बनाता है? वह किसी रेल इंजन से क्यों नहीं टकराता या बिजली की नंगी तारों को हाथ क्यों नहीं लगाता? सच्चाई यह है कि ऐसी हरकतें अक्सर जानबूझकर और साजिश के तहत की जाती थीं। इसलिए हमने कानून में एक धारा जोड़ी है कि अगर किसी को चिकित्सकीय रूप से मानसिक रोगी घोषित किया जाता है, तो उनके संरक्षक, माता-पिता, अभिभावक या देखभाल करने वालों को भी आपराधिक मामलों का सामना करना पड़ेगा।”

     

    अकालियों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब वे सत्ता में थे तो वे कभी भी ऐसा कानून बनाने के लिए इच्छुक नहीं थे। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि उनकी नीयत में खोट थी। अकालियों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए बेअदबी की घटनाएं होने दीं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल अब ननद-भाभी की पार्टी बनकर रह गया है क्योंकि ननद सांसद है और भाभी विधायक है। उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल साल 2022 की हार के सदमे से अभी तक बाहर नहीं आ सके। पूर्व उप मुख्यमंत्री कहते हैं कि उन्होंने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में न जाने के निर्देश दिए हैं, वे यह भूल गए हैं कि शिरोमणि अकाली दल का सिर्फ एक ही विधायक बचा है और वह भी उनका करीबी रिश्तेदार है।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा यह अच्छी तरह जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने फर्जी (नकली) वीडियो के जरिए धार्मिक आधार पर उनकी छवि खराब करने के लिए गठजोड़ कर लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेताओं ने अपने लंबे और दमनकारी शासनकाल के दौरान पंजाब को बेरहमी से लूटा तथा आम लोगों पर अनेक अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने कहा, “उन्होंने पंजाबियों के दिलों को गहरे घाव दिए और राज्य को बर्बाद करने के लिए माफिया को संरक्षण दिया। अकाली नेतृत्व को कभी माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह राज्य की कई पीढ़ियों के भविष्य को बर्बाद करने का जिम्मेदार है। उनके संरक्षण में नशे का कारोबार फला-फूला और उनके लंबे कुशासन के दौरान यह पूरे प्रदेश में फैल गया।”

     

    सुखबीर बादल पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व जनता के बीच अपना आधार खो चुका है और अब अपनी रैलियों में भीड़ दिखाने के लिए पैसे देकर लोगों को लाया जाता है। उन्होंने कहा, “अकाली दल की हर रैली में वही लोग दिखाई देते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल लगातार किसी न किसी आरोप के माध्यम से उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुद्वारों के बाहर मेरे बहिष्कार के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन जब अकाली दल और सुखबीर बादल ने बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी, तब उनके खिलाफ ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए?”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सवाल किया, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष सुखबीर बादल ने अपने गुनाह स्वीकार किए, गलत कार्यों को माना, गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी ली और यह भी माना कि संगत के खिलाफ आदेश दिए गए थे। क्या उस समय किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बहिष्कार के पोस्टर लगाए थे?” मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत समझदार है और जनता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “ये लोग अहंकार में काम कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे खिलाफ उठाने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। जब मैं गांवों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनसभाओं में जाता हूं तो भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं। विपक्ष इस जनसमर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। इसी हताशा में पारंपरिक राजनीतिक दल मेरे खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाकर बेहद निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने अंतिम दौर में है और बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी क्योंकि उसके पास न तो जनता के लिए कोई दृष्टि है और न ही पंजाब के विकास का कोई स्पष्ट विजन। उन्होंने कहा, “इनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल कर पंजाब के खजाने को लूटना है, लेकिन उनके ये सपने कभी पूरे नहीं होंगे।” सत्ता हासिल करने के सपने देखने वाले कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर बन चुकी है, जो अपनी अंदरूनी कलह के कारण स्वयं ढह जाएगी। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन्हें एकजुट करने आने वाले शीर्ष कांग्रेस नेताओं को इनके नामों का सही उच्चारण तक नहीं आता।” मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी खजाने के प्रत्येक पैसे का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ जनता के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने कहा, “राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जनता के टैक्स का पैसा जनता का है और हम उसे विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के निर्माण पर खर्च कर रहे हैं।”

     

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के हित में अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। इनमें घरों को मुफ्त बिजली, 68,000 से अधिक युवाओं को बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये की बचत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण शामिल है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार बनी थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था, जो आज बढ़कर 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। गांवों के विकास के लिए भी लगातार अनुदान दिए जा रहे हैं।”मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। इसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना के तहत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करा चुके हैं।”

     

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘मावां धीयां सतिकार योजना’ के तहत 1 जुलाई से 18 वर्ष से अधिक आयु की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह तथा अन्य सभी वर्गों की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसकी जानकारी लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी। उन्होंने कहा, “राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना की पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और इसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।”

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