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    बेअदबी के दोषियों को बचाने वाले पुराने शासक जल्द सलाखों के पीछे होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsMay 7, 2026Updated:May 7, 2026No Comments6 Mins Read
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    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि पिछली सरकारों के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को बचाने वालों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने अब ऐतिहासिक ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के माध्यम से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के दोषियों के लिए सख्त कानूनी सजा सुनिश्चित की है।

     

    शुक्राना यात्रा के दौरान विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कानून बेअदबी के खिलाफ स्थायी रोक के रूप में काम करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पंजाब की शांति और भाईचारे को भंग करने की हिम्मत न करे। कानून लागू कर मानवता की सेवा करने का अवसर मिलने पर उन्होंने परमात्मा का धन्यवाद करते हुए कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026’ लागू करने की सेवा बख्शी, जो बेअदबी के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है।”

     

    उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर इस कानून के बारे में जागरूकता फैलाएं और यह सुनिश्चित करें कि हर व्यक्ति को पता हो कि बेअदबी में शामिल किसी भी व्यक्ति को अब सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, “सजा के डर से अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल सहित विपक्ष के कई शीर्ष नेता पहले ही भाग रहे हैं।”

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पुराने शासकों का बेअदबी रोकने के लिए कानून बनाने का न तो इरादा था और न ही इच्छाशक्ति, जिसके कारण उनके शासनकाल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं बार-बार हुईं। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने अब ऐसा कानून पारित किया है, जो इसे हमेशा के लिए खत्म कर देगा क्योंकि कोई भी दोबारा ऐसा घिनौना अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।” अकाली नेतृत्व की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में बेअदबी की घटनाओं का विरोध कर रहे निर्दोष लोगों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए थे।

     

    नशों के खतरे को लेकर अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अकालियों पर पीढ़ियों की नस्लकुशी का मामला दर्ज होना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशों के व्यापार को संरक्षण दिया, जो उनके लंबे कुशासन के दौरान फलता-फूलता रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इन नेताओं के हाथ पंजाब के युवाओं के खून से रंगे हुए हैं क्योंकि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी संरक्षण में नशे का प्रसार हुआ और कई युवा इसकी चपेट में आए। उन्होंने कहा, “इनके गुनाह माफ नहीं किए जा सकते और पंजाब के लोग पीढ़ियों को तबाह करने वाले इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे।”

     

    बेअदबी की घटनाओं के माध्यम से पंजाबियों की भावनाओं को आहत करने के लिए अकाली दल की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने गुरबाणी के नाम पर वोट मांगे और साथ ही गुरु की वाणी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि अकाली नेता अक्सर अपने कार्यकाल के विकास का दावा करते हैं, लेकिन कोटकपूरा, बहिबल कलां और अन्य घटनाओं को जानबूझकर नजरअंदाज करते हैं, जहां बेअदबी हुई और मासूम लोगों की जानें गईं।

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और ऐसे माफिया को संरक्षण दिया जिसने राज्य को सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर किया। उन्होंने कहा, “अकालियों ने पंजाबियों को भावनात्मक रूप से तोड़ा और माफिया को बचाया, जिन्होंने पंजाब को बर्बाद कर दिया। अपने शासनकाल के दौरान नशे के व्यापार को बढ़ावा देना लोगों के साथ विश्वासघात के बराबर है।”

     

    सुखबीर सिंह बादल पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने जनता में अपना आधार पूरी तरह खो दिया है और अब रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए भुगतान किए गए लोगों को बुलाया जाता है। उन्होंने कहा, “हर अकाली रैली में वही चेहरे नजर आते हैं।” उन्होंने कहा कि जो नेता कभी 25 साल तक शासन करने का दावा करते थे, उन्हें अब पंजाब के जागरूक और बहादुर लोगों ने राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने अकाली नेतृत्व को अवसरवादी बताते हुए कहा कि वे अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार अपना रुख और विचारधारा बदलते रहते हैं।

     

    एक उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेअदबी के लिए जिम्मेदार नेता एक बार श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए थे और अपनी गलतियों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था, लेकिन बाद में जब यह उनके राजनीतिक हितों के अनुकूल नहीं रहा तो वे अपने बयान से मुकर गए। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग उनका असली चेहरा जानते हैं और समझते हैं कि उन्होंने राजनीतिक चालों के जरिए जनता को बार-बार गुमराह किया है।” उन्होंने आगे कहा कि जो नेता कभी अजेय माने जाते थे, आज उन्हें पार्टी की कमेटी बनाने के लिए पांच सदस्य भी नहीं मिल रहे।

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि पुराने शासकों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और नशा तस्करों को बचाया, जिससे पंजाब के युवाओं को नशे की ओर धकेला गया। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग इन अपराधों के लिए अकालियों को कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें एक और कड़ा सबक सिखाएंगे।” उन्होंने कहा कि बार-बार चुने जाने के बावजूद अकालियों ने पंजाब के साथ विश्वासघात किया और लोगों की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने कहा, “उन्होंने राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग इसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।”

     

    इस कानून की महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार खुद को भाग्यशाली मानती है कि उसे ऐसा ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी पंजाब में शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश का हिस्सा थी।” उन्होंने कहा कि यह कानून दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मिसाल कायम करने वाली सजा सुनिश्चित करता है।

     

    मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह कानून भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकेगा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और उनकी पवित्रता की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

     

    उन्होंने कहा कि दुनियाभर में लोग इस कानून के लागू होने पर खुशी और आभार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस ऐतिहासिक एक्ट को पारित करने के लिए हमें शक्ति और साहस देने पर परमात्मा का धन्यवाद करने हेतु मैंने श्री आनंदपुर साहिब से यह शुक्राना यात्रा शुरू की है।” उन्होंने बताया कि 9 मई तक वे तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेकेंगे।

     

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य पंजाब सरकार को इस महत्वपूर्ण कानून को लागू करने योग्य बनाने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करना है। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि वे जनता की सेवा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “दूसरे नेता मौसम देखकर बाहर निकलते हैं, लेकिन मैं लोगों की भलाई के लिए हमेशा उनके बीच रहता हूं।”

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