मजदूर दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सदन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। इस प्रस्ताव को विधानसभा स्पीकर द्वारा सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला मजदूर दिवस पर राज्य के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण तोहफा है। उन्होंने बताया कि यह बढ़ोतरी सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में लागू होगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2013 के बाद से मजदूरी में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी, जबकि इस दौरान दो सरकारें बदल चुकी थीं।
इस बीच, राज्य की राजनीति में भी हलचल देखी गई। Aam Aadmi Party सरकार द्वारा विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लाए जाने की संभावना जताई गई है, खासकर राज्यसभा के छह सांसदों के दल-बदल के बाद। पार्टी अपने 94 विधायकों की एकजुटता साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट कर सकती है।
विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे फिर से शुरू हुई, लेकिन शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। हंगामे के चलते स्पीकर को सत्र को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन को जारी रखा।
विपक्ष के नेता Partap Singh Bajwa ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार विशेष सत्र बुलाने की बजाय नियमित सत्र आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक कई सत्र बुलाए जा चुके हैं, लेकिन उनमें प्रश्नकाल और शून्यकाल जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे विधायकों को अपने मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिल पा रहा।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर मजदूरों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में राजनीतिक माहौल गर्माता हुआ नजर आया।

