Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    viralpunjabnews.com
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    viralpunjabnews.com
    You are at:Home»punjab»पंजाब में हड्डियों और जोड़ों से संबंधित इलाज की मांग बढ़ी, ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत ऑर्थोपेडिक उपचारों पर 84 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
    punjab

    पंजाब में हड्डियों और जोड़ों से संबंधित इलाज की मांग बढ़ी, ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत ऑर्थोपेडिक उपचारों पर 84 करोड़ रुपये से अधिक खर्च

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsJune 1, 2026Updated:June 1, 2026No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    पंजाब में हड्डियों, जोड़ों और ट्रॉमा (आघात) से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के आंकड़ों के अनुसार ऑर्थोपेडिक उपचार राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरे हैं।

     

    इस स्थिति को स्पष्ट करते हुए राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों से पता चलता है कि योजना के तहत अब तक हड्डियों, जोड़ों और ट्रॉमा से संबंधित उपचारों पर 84 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। यह बढ़ती सर्जिकल आवश्यकताओं और सरकारी अस्पतालों में विशेष ऑर्थोपेडिक सेवाओं तक बढ़ी पहुंच को दर्शाता है।

     

    आंकड़े बताते हैं कि इस योजना के अंतर्गत सबसे अधिक घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) के उपचार किए गए हैं। इसके बाद कूल्हे (हिप) की सर्जरी तथा प्लेटों, नेल्स और अन्य इम्प्लांट्स के माध्यम से फ्रैक्चर फिक्सेशन जैसे उपचार किए गए हैं। ये उपचार अब जिला और बड़े सरकारी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा के तहत नियमित रूप से किए जा रहे हैं।

     

    पंजाब में अब तक 45 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं, जो कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक उपयोग को दर्शाता है। योजना के तहत लुधियाना में 4.8 लाख से अधिक और पटियाला में लगभग 4.1 लाख लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।

     

    ऑर्थोपेडिक मामलों में वृद्धि जनस्वास्थ्य में आ रहे बड़े बदलाव को भी दर्शाती है। विशेष रूप से बढ़ती उम्र की आबादी में जोड़ों की समस्याएं, लगातार दर्द और चलने-फिरने में कठिनाइयां बढ़ रही हैं। घुटने और कूल्हे की समस्याओं, लंबे समय से जोड़ों के दर्द तथा गतिशीलता में कठिनाई वाले मरीजों की संख्या सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है।

     

    ऑर्थोपेडिक उपचारों में अक्सर महंगे इम्प्लांट्स, लंबा उपचार और पुनर्वास की आवश्यकता होती है, जिससे परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है।

     

    राजपुरा के निकट खेड़ा गज्जू निवासी 43 वर्षीय गुलशन तनेजा के लिए यह स्थिति व्यक्तिगत रूप से काफी चुनौतीपूर्ण रही।

     

    फैक्ट्री में काम करते समय तनेजा एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इसके बाद उनके लिए चलना-फिरना मुश्किल हो गया। चलते समय अचानक होने वाला दर्द उन्हें रुककर दीवार का सहारा लेने के लिए मजबूर कर देता था। घुटने के आसपास सूजन लगातार बनी रहती थी और जकड़न के कारण सामान्य गतिविधियां करना भी कठिन हो गया था। कई बार वे खड़े होने से पहले ही यह सोचकर रुक जाते थे कि उनका पैर उनके शरीर का भार सहन कर पाएगा या नहीं।

     

    उन्हें 6 मई को राजिंदरा अस्पताल, पटियाला में भर्ती कराया गया और अगले दिन लिगामेंट टियर का उपचार किया गया। डॉक्टरों ने गंभीर जोड़ों के दर्द, सूजन, अस्थिरता तथा भार सहन करने में कठिनाई जैसे लक्षण दर्ज किए।

     

    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें 86,750 रुपये का उपचार पूरी तरह कैशलेस मिला। 12 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वे भारी चिकित्सा बिल की चिंता के बिना अपने घर लौट आए।

     

    गुलशन तनेजा ने कहा, “मैं अब धीरे-धीरे ठीक हो रहा हूं। स्वास्थ्य कार्ड की वजह से मुझे अपने इलाज के लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ा। यह योजना हमारे जैसे परिवारों का खर्च कम कर रही है और महंगा इलाज आसान बना रही है।”

     

    पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “ऑर्थोपेडिक बीमारियों का बोझ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किफायती और सुलभ सर्जिकल सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई है।” उन्होंने आगे कहा कि योजना के तहत हजारों मरीजों को कैशलेस घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हे और ट्रॉमा संबंधी उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ कम हो रहा है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार आ रहा है।

     

    उन्होंने कहा कि केवल चार महीनों में 84 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को ही नहीं दर्शाता, बल्कि यह राज्य में मरीजों की चलने-फिरने की क्षमता बहाल करने, दिव्यांगता कम करने और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक बड़े बदलाव का संकेत भी है।

    —–

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Viral Punjab News
    • Website

    Related Posts

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 560 मरीज़ों के डायबिटिक फुट उपचार पर ₹1.32 करोड़ ख़र्च

    September 7, 2026

    दाखिलों में तेज़ वृद्धि उपचार नेटवर्क में बढ़ते विश्वास का प्रमाण: डॉ. बलबीर सिंह

    September 7, 2026

    पंजाब में फिर बिजली संकट का खतरा! कोयले की कमी के कारण कई थर्मल प्लांट आधी क्षमता पर

    September 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    दाखिलों में तेज़ वृद्धि उपचार नेटवर्क में बढ़ते विश्वास का प्रमाण: डॉ. बलबीर सिंह

    September 7, 2026

    पंजाब में फिर बिजली संकट का खतरा! कोयले की कमी के कारण कई थर्मल प्लांट आधी क्षमता पर

    September 7, 2026

    दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका

    September 7, 2026

    पंजाब सरकार के विरोध के बावजूद जस्टिस अश्वनी कुमार ने ली शपथ

    September 7, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    © 2026 Viral Punjab News. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.