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    रिश्वत केस में सस्पेंड DIG भुल्लर को झटका:सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsApril 10, 2026Updated:April 10, 2026No Comments4 Mins Read
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    पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि फिलहाल जमानत देना उचित नहीं है।

    कोर्ट ने माना कि इस स्तर पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा जमानत से इनकार करना सही था, क्योंकि मामले में अभी कुछ अहम गवाहों से पूछताछ बाकी है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले जमानत देने से केस पर असर पड़ सकता है। इसलिए फिलहाल भुल्लर को राहत नहीं दी जा सकती।

    हालांकि कोर्ट ने भुल्लर को एक राहत जरूर दी है। बेंच ने कहा कि अगर अगले दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वह दोबारा जमानत के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

    IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका आई सामने

     

    पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में CBI जांच का दायरा बढ़ गया है। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। CBI ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल, दस्तावेज और नकदी कब्जे में लेने की मांगी अनुमति

     

    एजेंसी ने विशेष अदालत में अर्जी दाखिल कर मोबाइल, मूल दस्तावेज और नकदी कब्जे में लेने की अनुमति भी मांगी है। इससे पहले भुल्लर की जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है और वे फिलहाल चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद हैं।

    जांच एजेंसी के अनुसार यह मामला पिछले वर्ष दर्ज भ्रष्टाचार केस से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच, वॉट्सएप चैट, पूछताछ और दस्तावेजों से कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क के सबूत मिले हैं। सीबीआई का दावा है कि आरोपी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर निजी लोगों को लाभ दिलाने के बदले रिश्वत लेते थे।

    बता दें कि 6 अक्टूबर 2025 को भुल्लर और बिचौलिए कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद DIG भुल्लर के ठिकानों से 2 किलो के करीब सोना, साढ़े 7 करोड़ कैश समेत काफी सामान बरामद किया गया था।

    सीबीआई कोर्ट ने 13 मार्च को लिया संज्ञान

     

    13 मार्च को सीबीआई कोर्ट ने भुल्लर और कृष्णु शारदा के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई थी। पिछले महीने ही भुल्लर के खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी ली गई थी।

    CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली…

     

    DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले

     

    CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला, जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे।

    CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे।

     

    बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले

     

    CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। इसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्नु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। जिसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था।

     

    CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्नु अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।

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