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    SYL पर पंजाब-हरियाणा की बैठक: दोनों सीएम बोले-अच्छे माहाैल में बात हुई है झगड़ा निपट जाना चाहिए

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsJanuary 27, 2026Updated:January 27, 2026No Comments2 Mins Read
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    सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर के विवाद के समाधान का कोई रास्ता निकालने के लिए एक बार फिर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री के बीच चंडीगढ़ में बैठक हुई। करीब दो घंटे चली इस मीटिंग में सभी मुद्दों पर चर्चा की गई। मीटिंग के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बैठक के बारे में कहा कि बातचीत बहुत अच्छे माहौल में हुई है। जब अच्छे माहौल में बातचीत होती है तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। सुप्रीम कोर्ट के जो दिशा निर्देश हैं उनके अनुसार हमने बैठक की है। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में बातचीत हुई है। हमने तय किया है कि दोनों राज्यों के अधिकारी अब आगे बातचीत करेंगे।

    वहीं पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि हम भाई कन्हैया जी के वारिस हैं, उन्होंने युद्ध में दुश्मनों को भी पानी पिलाया था, हरियाणा तो हमारा छोटा भाई है। मान ने कहा कि यह विवाद हमारे बुजुर्गों के समय से चलता आ रहा है। अब पंजाब और हरियाणा का नेतृत्व नई पीढ़ी के नेताओं के हाथ में है। उम्मीद है कि यह विवाद जल्द खत्म हो जाएगा। मान ने कहा कि अफसर महीने में तीन से चार बैठकें भी कर सकते हैं। एक बार पानी का मसाला हल हो जाए, उसके बाद एसवाईएल नहर के निर्माण के बारे में भी सोच लेंगे।

    क्या है एसवाईएल विवाद
    एसवाईएल विवाद की जड़ 31 दिसंबर, 1981 के उस समझौते में है, जिसके तहत एसवाईएल नहर की योजना बनी थी और 1982 में निर्माण शुरू हुआ था। हालांकि 1990 में काम बंद हो गया। हरियाणा ने 1996 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की और कोर्ट ने 2002 में पंजाब को एक साल में नहर निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया।

    2004 में कोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया कि यदि पंजाब निर्माण नहीं करता, तो केंद्र इसे अपने हाथों में ले। कैप्टन सरकार ने 2004 में जल समझौते रद्द कर दिए और 2016 में अकाली-भाजपा सरकार ने नहर के लिए अधिग्रहीत जमीन को डिनोटिफाई कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि पंजाब और हरियाणा केंद्र सरकार के साथ सहयोग करके इस विवाद का हल निकालें।

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