Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    viralpunjabnews.com
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    viralpunjabnews.com
    You are at:Home»punjab»Tarn Taran Bypoll: 40 साल में सबसे कम मतदान, अब परिणाम तय करेंगे 2027 की Preparation कितनी
    punjab

    Tarn Taran Bypoll: 40 साल में सबसे कम मतदान, अब परिणाम तय करेंगे 2027 की Preparation कितनी

    Viral Punjab NewsBy Viral Punjab NewsNovember 12, 2025Updated:November 12, 2025No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    तरनतारन विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों का अब सबको बेसब्री से इंतज़ार है। यह सिर्फ एक उपचुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की सियासत के लिए आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का टेस्ट माना जा रहा है। सभी बड़ी पार्टियां — आप, अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा — इस नतीजे को अपने भविष्य की दिशा तय करने वाला इम्तिहान मान रही हैं।

    40 साल बाद सबसे कम मतदान

    इस बार तरनतारन में 40 साल बाद सबसे कम मतदान हुआ है।
    शाम 6 बजे तक कुल 60.95% वोटिंग हुई।
    अगर पिछले आंकड़ों पर नज़र डालें, तो 1985 में सिर्फ 57.5% मतदान हुआ था। उसके बाद हर चुनाव में वोटिंग इससे ज़्यादा रही। यानी इस बार मतदाताओं का उत्साह औसत ही रहा।

    साल मतदान प्रतिशत
    1977 66.2%
    1980 67.4%
    1985 57.5%
    1992 निर्विरोध विधायक घोषित
    1997 63.8%
    2002 62.9%
    2007 65.7%
    2012 77.1%
    2017 72.2%
    2022 66.0%
    2025 60.95%

    क्यों अहम है यह चुनाव

    इस उपचुनाव की जीत सभी दलों के लिए बहुत मायने रखती है।
    राजनीतिक पार्टियां इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने परफॉर्मेंस टेस्ट के रूप में देख रही हैं।
    इस नतीजे से साफ होगा कि पिछले साढ़े तीन साल में किस दल ने अपनी ज़मीनी पकड़ मजबूत की है।

    AAP की सबसे बड़ी परीक्षा

    सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल है।
    पार्टी इस जीत से यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में अभी भी “आप” के खिलाफ कोई बड़ी लहर नहीं है।

    आप ने इस बार भी अपना पुराना “विकास + पंथक” फार्मूला अपनाया।
    इस रणनीति को मजबूती उस वक्त मिली जब पूर्व अकाली विधायक हरमीत सिंह संधू आप में शामिल हो गए।
    संधू पंथक राजनीति में जाना-पहचाना चेहरा हैं — वे 2002, 2007 और 2012 में लगातार विधायक रहे।
    2017 और 2022 में वे दूसरे नंबर पर रहे थे। पिछली बार उन्हें आप के दिवंगत विधायक कश्मीर सिंह सोहल ने हराया था।
    इस बार संधू आप के प्रत्याशी हैं और पार्टी ने उन्हें “विकास का चेहरा” बताकर मैदान में उतारा है।

    शिअद का जवाब — सुखविंदर कौर रंधावा

    हरमीत संधू की आप में एंट्री से शिरोमणि अकाली दल (SAD) को झटका लगा, लेकिन पार्टी ने तुरंत पलटवार करते हुए सुखविंदर कौर रंधावा को टिकट दिया।
    वह एक धर्मी फौजी की पत्नी हैं और इलाके में उनका अच्छा जनसंपर्क है।
    गांवों के कई सरपंचों और पार्षदों ने खुलकर उनका समर्थन किया है।
    अकाली दल इस सीट पर पंथक वोटों को अपने पक्ष में बनाए रखने की पूरी कोशिश में है।

    BJP की भूमिका

    भाजपा के लिए तरनतारन में खोने को कुछ नहीं, लेकिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसका सीधा असर आप के पक्ष में जा सकता है।
    क्योंकि इस सीट पर पंथक वोट कई हिस्सों में बंट रहे हैं — अकाली दल, आप, वारिस पंजाब दे समर्थित उम्मीदवार मनदीप सिंह खालसा और अन्य छोटे अकाली दलों के बीच।
    इस वोट बंटवारे से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

    कांग्रेस की वापसी की कोशिश

    कांग्रेस भी इस उपचुनाव में अपनी खोई हुई ज़मीन दोबारा पाने की कोशिश कर रही है।
    2017 में कांग्रेस के धर्मबीर अग्निहोत्री ने यह सीट जीती थी, लेकिन 2022 में पार्टी तीसरे स्थान पर आ गई थी।
    अब कांग्रेस चाहती है कि इस नतीजे से वह फिर से मजबूती दिखा सके और 2027 की तैयारी को नई दिशा दे सके।

    विकास बनाम पंथक एजेंडा

    पहले इस इलाके में पंथक राजनीति हावी रहती थी, लेकिन अब लोग विकास को भी प्राथमिकता देने लगे हैं।
    आप नेताओं ने अपने साढ़े तीन साल के विकास रिपोर्ट कार्ड को घर-घर पहुंचाने की कोशिश की।
    वहीं, अकाली दल और कांग्रेस ने धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर जोर दिया।
    यानी इस बार तरनतारन में मुकाबला सिर्फ पंथक नहीं, बल्कि विकास बनाम पंथक एजेंडे का भी है।

    अब नतीजों का इंतज़ार

    तरनतारन उपचुनाव की मतगणना 14 नवंबर को होगी।
    सभी उम्मीदवारों और समर्थकों की निगाहें अब इसी दिन पर टिकी हैं।
    इसका नतीजा न सिर्फ एक सीट का फैसला करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि पंजाब की जनता 2027 में किस दिशा में सोच रही है।

    तरनतारन उपचुनाव भले ही एक सीट का चुनाव हो,
    लेकिन इसके नतीजे पूरे पंजाब की राजनीति को प्रभावित करेंगे।
    यह तय करेगा कि साढ़े तीन साल बाद कौन सी पार्टी मैदान में कितनी तैयार है,
    किसके पास जनता का भरोसा है,
    और किसके लिए अब रणनीति बदलने का वक्त आ गया है।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Viral Punjab News
    • Website

    Related Posts

    पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए DA पर बड़ी खबर, केंद्र के बराबर Salary और DA देने को तैयार मान सरकार

    September 4, 2026

    शिक्षक दिवस पर पंजाब के 75 शिक्षकों और अधिकारियों का होगा विशेष सम्मान, राज्य पुरस्कार 2026 समारोह की तैयारी पूरी

    September 4, 2026

    CM सेहत योजना हुई डिजिटल: पंजाब के लाभार्थी अब घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे अपना ₹10 लाख का हेल्थ कार्ड

    September 4, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    हरियाणा के ₹504 करोड़ के बैंक घोटाले में बड़ा अपडेट, 6 IAS समेत 19 लोगों के खिलाफ CBI की चार्जशीट

    September 4, 2026

    शिक्षक दिवस पर पंजाब के 75 शिक्षकों और अधिकारियों का होगा विशेष सम्मान, राज्य पुरस्कार 2026 समारोह की तैयारी पूरी

    September 4, 2026

    CM सेहत योजना हुई डिजिटल: पंजाब के लाभार्थी अब घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे अपना ₹10 लाख का हेल्थ कार्ड

    September 4, 2026

    पंजाब में मानसून एक्टिव! 4-5 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में बरसेंगे बादल

    September 4, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    • punjab
    • chandigarh
    • haryana
    • himachal
    • delhi
    • up
    © 2026 Viral Punjab News. All Rights Reserved.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.